Wednesday, February 27, 2019

इश्क़ में बर्बाद हुईं इस जिंदगी की आखिरी खवाहिशें...........

1:-काश ये जिंदगी मुझसे जीत पाती,मौत से डराकर हमको जीता है इसने।

2:-तुम किस रास्ते से लाये थे मुझे अकेला छोड़ने के लिए बस यार इतना बता दो। मैं लौट जाना चाहता हूं वापस।

3:-ज़िन्दगी मैं भी मुसाफ़िर हूँ तेरी कश्ती का, तू जहाँ मुझसे कहेगी मैं उतर जाऊँगा।

4:-काश आज कोई एक तारा टूटे,मुझे अपने लिए मौत मांगनी है।

5:-किसको क्या मिले इसका कोई हिसाब नहीं तेरे पास रूह नहीं मेरे पास लिबास नहीं।.......  Wrîttèñ by ®

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