1:-काश ये जिंदगी मुझसे जीत पाती,मौत से डराकर हमको जीता है इसने।
2:-तुम किस रास्ते से लाये थे मुझे अकेला छोड़ने के लिए बस यार इतना बता दो। मैं लौट जाना चाहता हूं वापस।
3:-ज़िन्दगी मैं भी मुसाफ़िर हूँ तेरी कश्ती का, तू जहाँ मुझसे कहेगी मैं उतर जाऊँगा।
4:-काश आज कोई एक तारा टूटे,मुझे अपने लिए मौत मांगनी है।
5:-किसको क्या मिले इसका कोई हिसाब नहीं तेरे पास रूह नहीं मेरे पास लिबास नहीं।....... Wrîttèñ by ®
2:-तुम किस रास्ते से लाये थे मुझे अकेला छोड़ने के लिए बस यार इतना बता दो। मैं लौट जाना चाहता हूं वापस।
3:-ज़िन्दगी मैं भी मुसाफ़िर हूँ तेरी कश्ती का, तू जहाँ मुझसे कहेगी मैं उतर जाऊँगा।
4:-काश आज कोई एक तारा टूटे,मुझे अपने लिए मौत मांगनी है।
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