1:-हर हकीकत से वाकिफ हो हमने कुछ सीख पायी हैं,
जज्बातों की लहरे दिल के रास्ते आँखाें से बाहर आयी हैं।
रुकने लगी हैं जीने की राहे मेरे लिए,
क्याेंकि प्यार व उमींदे की राहे अंधेरे में धुन्दली होती नजर आयी हैं।
2:-बहुत महँगी हुई अब तो वफा,
लोग कहाँ मिलते हैं, जो सच्चा प्यार करें।
मोहब्बत तो बन गई है अब सजा, आशिक कहाँ मिलते हैं,
जो संग-संग इश्क का दरिया पार करें।
3:-सुना है वो कह कर गये है के अब तो हम,
सिर्फ़ तुम्हारे ख्वाबो में ही आएँगे।
कोई कह दे उनसे की वो वादा कर ले हम से,
ज़िंदगी भर के लिए हम सो जाएँगे।.......
written by ®
जज्बातों की लहरे दिल के रास्ते आँखाें से बाहर आयी हैं।
रुकने लगी हैं जीने की राहे मेरे लिए,
क्याेंकि प्यार व उमींदे की राहे अंधेरे में धुन्दली होती नजर आयी हैं।
2:-बहुत महँगी हुई अब तो वफा,
लोग कहाँ मिलते हैं, जो सच्चा प्यार करें।
मोहब्बत तो बन गई है अब सजा, आशिक कहाँ मिलते हैं,
जो संग-संग इश्क का दरिया पार करें।
3:-सुना है वो कह कर गये है के अब तो हम,
सिर्फ़ तुम्हारे ख्वाबो में ही आएँगे।
कोई कह दे उनसे की वो वादा कर ले हम से,
ज़िंदगी भर के लिए हम सो जाएँगे।.......
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